गोण्डा।
सुबह बारिश के शुरु होते ही शुक्रवार को बिजली ने भी अपना रंग दिखाना शुरु कर दिया। जैसे-जैसे बारिश धीमी होती तो बिजली आ जाती और तेज होती तो गुल हो जाती। यह सिलसिला पूरे दिन बारिश के साथ-साथ चलता रहा है। न बारिश रुकी और न ही कटौती। इससे शहरी तो कम , ग्रामीण फीडर अधिक प्रभावित हुए। खास कि फीडरों पर हुई दुश्वारियों को सुधारने में कई तरह की दिक्कतें आई। कर्मियों का कहना है कि जैसे ही बारिश कम होने पर दुश्वारियों के निस्तारण के लिए निकलते बारिश तेज हो जाती और उन्हें वापस आना पड़ता या फिर रास्ते में रुककर बारिश थमने का इंतजार करना होता।
इससे कामकाज प्रभावित होने के साथ बार-बार बिजली की आवाजाही से घरेलू बिजली संयत्रों में खराबी होने की आशंका बनी रही। अधिकांश ग्रामीण फीडर तो बंद कर दिए गए। उपकेन्द्र कर्मियों का कहना है कि कहीं इन्सुलेटर में खराबी आई तो कहीं तार वृक्षों की डाल से टकराकर शार्ट कर दे रहे थे। ऐसे में लाइन खुद से ही ट्रिप हो जाती है। वहीं दिनभर बारिश के चलते गैंगमैनों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया । हालांकि उपखंड अधिकारी अनूप कुमार का कहना है कि समय से वृक्षों की कटान-छटान कराई जा चुकी है इसके बावजूद उनकी डालें तारों से टकराकर ट्रिपिंग की समस्याएं बढ़ा रहीं, जिसे जल्द सुधार कराया गया।
ब्यूरो चीफ गोण्डा - अशोक सागर
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