Sunday, February 28, 2021

!!B TV9NEWS!! छेडछाड व मारपीट करने के आरोप में 03 अभियुक्त गिरफ्तार

🔸गिरफ्तार अभियुक्त
01. सुशील कुमार वर्मा पुत्र रामकुमार वर्मा निवासी मछली बाजार थाना कोतवाली मनकापुर जनपद गोण्डा 
02. शिव प्रसाद पुत्र विजय प्रताप दुबे निवासी मछली बाजार थाना कोतवाली मनकापुर जनपद गोण्डा। 
03. कृष्ण कुमार उर्फ मोनू पुत्र लालबच्चा निवासी मछली बाजार थाना कोतवाली मनकापुर जनपद गोण्डा। 
*🔸पंजीकृत अभियोग-*
01. मु0अ0सं0-58/2021, धारा 323,504,506,354 भादवि व 7/8 पास्को एक्ट व 3(1)(द)(ध)(ब) एससी एसटी एक्ट थाना को० मनकापुर जनपद गोण्डा।

🔸संक्षिप्त विवरण
दिनांक 19.02.2021 को उक्त अभियुक्तगणों ने आपसी विवाद के चलते वादी अजय कुमार पुत्र सुबेदार नि0 दुबौली रामचरण थाना को0 मनकापुर जनपद गोण्डा व उसकी बहन को गाली-गुप्ता देते हुए मारपीटा था तथा उसकी बहन के साथ छेडखानी भी की थी। जिसके सम्बन्ध में वादी द्वारा थाना मनकापुर में उक्त अभियुक्तों के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया था। जिसमें मनकापुर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए उक्त आरोपी अभियुक्तों को उनके घर से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना कर दिया गया।

🔸गिरफ्तारकर्ता टीमः-
01. उ0नि0 डिग्री प्रसाद गौतम।
02. उ0नि0 संजीव कुमार वर्मा। 
03. हे0का0 राजबहादुर यादव।
04. हे0का0 विनय सिंह। 
05. का0 अखिलेश कुमार I 
गोंडा ब्यूरो संवाददाता !!B Tv9news!!

Friday, February 26, 2021

!!Btv9 NEWS!! समझिए आचार संहिता का पूरा गणित, क्यों और कब होती है लागू

आचार संहिता चुनावों की घोषणा होते ही लागू कर दी जाती है। इसके बारे में तो आपने कई बार सुना होगा कि आचार संहिता लागू कर दी गई है लेकिन ये कब और क्यों लागू की जाती है। यह एक बड़ा सवाल है। आचार संहिता चुनाव की तारीख की घोषणा होने के साथ लागू हो जाती है और नतीजे आने तक जारी रहती है।
भारतीय चुनावों का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाने वाली आचार संहिता चुनाव समिति द्वारा बनाया गया वो दिशानिर्देश होता है जिसे सभी राजनीतिक पार्टियों को मानना होता है। ये दिशानिर्देश यानि आचार संहिता देश की सभी राजनीतिक पार्टियों पर लागू किया जाता है। जिसका उद्देश्य पार्टियों के बीच मतभेद टालने, शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव कराना होता है।  आचार संहिता द्वारा ये सुनिश्चित किया जाता है कि कोई भी राजनीतिक पार्टी, केंद्रीय या राज्य की अपने आधिकारिक पदों का चुनावों में लाभ हेतु गलत इस्तेमाल न करें। 
चुनाव आचार संहिता का मतलब है चुनाव आयोग के वे निर्देश जिनका पालन चुनाव खत्म होने तक हर पार्टी और उसके उम्मीदवार को करना होता है। अगर कोई उम्मीदवार इन नियमों का पालन नहीं करता तो चुनाव आयोग उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है, उसे चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है, उम्मीदवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती है और दोषी पाए जाने पर उसे जेल भी जाना पड़ सकता है।

राज्यों में चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही उस राज्य में चुनाव आचार संहिता भी लागू हो जाती है। चुनाव आचार संहिता के लागू होते ही प्रदेश सरकार और प्रशासन पर कई अंकुश लग जाते हैं। सरकारी कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक निर्वाचन आयोग के कर्मचारी बन जाते हैं। वे आयोग के मातहत रहकर उसके दिशा-निर्देश पर काम करते हैं।
यहां महत्वपूर्ण हो जाता है यह जानना भी कि आचार संहिता लागू होते ही प्रदेश का मुख्यमंत्री या मंत्री जनता के लिए कोई घोषणा नहीं कर सकते हैं। इस दौरान राज्य में न तो शिलान्यास किया जाता है न लोकार्पण और न ही भूमिपूजन।

इस दौरान सरकारी खर्च से ऐसा आयोजन नहीं किया जाता है जिससे किसी भी दल विशेष को लाभ पहुंचता हो। राजनीतिक दलों के आचरण और क्रियाकलापों पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग पर्यवेक्षक नियुक्त करता है।

वर्ष 2000 में केंद्रीय सरकार और चुनाव समिति के बीच आचार संहिता को लेकर काफी बहस हुई। केंद्र सरकार चुनाव की तारीख की घोषणा होते ही आचार संहिता लागू होने के चुनाव समिति के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी गयी।

सरकार का कहना था की औपचारिक अधिसूचना के बाद ही आचार संहिता लागू की जाये। चुनाव समिति ने मामले को सुलझाने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों को एकत्रित किया और बाद में भाजपा समेत देश की सभी राजनीतिक पार्टियों ने आचार संहिता का समर्थन किया और तभी से चुनाव की तारीख घोषित किए जाने के साथ ही देश और राज्य में आचार संहिता लागू कर दी जाती है। 
राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशी अपने प्रतिद्वंदी दलों के निजी जीवन का सम्मान करें और उनके घर के सामने किसी प्रकार का रोड शो या प्रदर्शन करके उन्हें परेशान न करें।
चुनाव प्रचार के दौरान कोई भी राजनीतिक पार्टी और उनके प्रत्याशियों को लाउड स्पीकर इस्तेमाल करने से पहले स्थानीय अधिकारीयों से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। किसी प्रकार के अभियान से पहले प्रत्याशी स्थानीय पुलिस को जरूर सूचित करें ताकि सुरक्षा के इंतजाम किये जा सकें।
राजनीतिक दलों को यह ध्यान रखना होता है कि उनके द्वारा आयोजित रैलियों और रोड शो से यातायात प्रभावित नहीं होना चाहिए।
आचार संहिता का सबसे महत्वपूर्ण निर्देश है की प्रत्याशी किसी भी कीमत पर मतदाताओं किसी प्रकार का प्रलोभन नहीं दे सकते हैं। अक्सर प्रत्याशियों द्वारा मतदाताओं को शराब वितरण और पैसे सहित गई प्रकार के उपहार देने की बात सामने आती है। वह करना पूरी तरह से वर्जित है। 
आचार संहिता के अनुसार सार्वजानिक स्थान जैसे सरकारी सराय, मीटिंग मैदान और हेलिपैड आदि सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के बीच बराबरी में उपयोग किया जाए। उस पर एकाधिकार न जताया जाए।
चुनाव के दिन प्रत्याशी अपने राजनीतिक दल का चिन्ह पोलिंग बूथ के आस-पास नहीं दिखा सकते। चुनाव समिति द्वारा दिए गए वैद्य पास के बगैर कोई भी बूथ में नहीं घुस सकता। 
चुनाव बूथ के पास एक व्यक्ति ऐसा होगा जिसके पास किसी प्रकार की शिकायत की जानकारी दी जा सकती है। 
शासक दल के मंत्री खास तौर पर किसी भी अधिकारी की नियुक्ति नहीं कर सकते जो मतदाताओं को उनके दल को मत देने की और प्रभावित करे।
ब्यूरो चीफ - गोंडा  

Saturday, February 20, 2021

भारत के बारे में रोचक तथ्य

भारत के बारे में रोचक तथ्‍य

  • भारत ने अपने आखिरी 100000 वर्षों के इतिहास में किसी भी देश पर हमला नहीं किया है।
  • जब कई संस्कृतियों में 5000 साल पहले घुमंतू वनवासी थे, तब भारतीयों ने सिंधु घाटी (सिंधु घाटी सभ्यता) में हड़प्पा संस्कृति की स्थापना की।
  • भारत का अंग्रेजी में नाम ‘इंडिया’ इं‍डस नदी से बना है, जिसके आस पास की घाटी में आरंभिक सभ्‍यताएं निवास करती थी। आर्य पूजकों में इस इंडस नदी को सिंधु कहा।
  • ईरान से आए आक्रमणकारियों ने सिंधु को हिंदु की तरह प्रयोग किया। ‘हिंदुस्तान’ नाम सिंधु और हिंदु का संयोजन है, जो कि हिंदुओं की भूमि के संदर्भ में प्रयुक्त होता है।
  • शतरंज की खोज भारत में की गई थी।
  • बीज गणित, त्रिकोण मिति और कलन का अध्‍ययन भारत में ही आरंभ हुआ था।
  • 'स्‍थान मूल्‍य प्रणाली' और 'दशमलव प्रणाली' का विकास भारत में 100 बी सी में हुआ था।
  • विश्‍व का प्रथम ग्रेनाइट मंदिर तमिलनाडु के तंजौर में बृहदेश्‍वर मंदिर है। इस मंदिर के शिखर ग्रेनाइट के 80 टन के टुकड़ों से बने हैं। यह भव्‍य मंदिर राजाराज चोल के राज्‍य के दौरान केवल 5 वर्ष की अवधि में (1004 ए डी और 1009 ए डी के दौरान) निर्मित किया गया था।
  • भारत विश्‍व का सबसे बड़ा लोकतंत्र और विश्‍व का सातवां सबसे बड़ा देश तथा प्राचीन सभ्‍यताओं में से एक है।
  • सांप सीढ़ी का खेल तेरहवीं शताब्‍दी में कवि संत ज्ञान देव द्वारा तैयार किया गया था इसे मूल रूप से मोक्षपट कहते थे। इस खेल में सीढियां वरदानों का प्रतिनिधित्‍व करती थीं जबकि सांप अवगुणों को दर्शाते थे। इस खेल को कौडियों तथा पांसे के साथ खेला जाता था। आगे चल कर इस खेल में कई बदलाव किए गए, परन्‍तु इसका अर्थ वहीं रहा अर्थात अच्‍छे काम लोगों को स्‍वर्ग की ओर ले जाते हैं जबकि बुरे काम दोबारा जन्‍म के चक्र में डाल देते हैं।
  • दुनिया का सबसे ऊंचा क्रिकेट का मैदान हिमाचल प्रदेश के चायल नामक स्‍थान पर है। इसे समुद्री सतह से 2444 मीटर की ऊंचाई पर भूमि को समतल बना कर 1893 में तैयार किया गया था।
  • भारत में विश्‍व भर से सबसे अधिक संख्‍या में डाक खाने स्थित हैं।
  • भारतीय रेल देश का सबसे बड़ा नियोक्ता है। यह दस लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करता है।
  • विश्‍व का सबसे प्रथम विश्‍वविद्यालय 700 बी सी में तक्षशिला में स्‍थापित किया गया था। इसमें 60 से अधिक विषयों में 10,500 से अधिक छात्र दुनियाभर से आकर अध्‍ययन करते थे। नालंदा विश्‍वविद्यालय चौथी शताब्‍दी में स्‍थापित किया गया था जो शिक्षा के क्षेत्र में प्राचीन भारत की महानतम उपलब्धियों में से एक है।
  • आयुर्वेद मानव जाति के लिए ज्ञात सबसे आरंभिक चिकित्‍सा शाखा है। शाखा विज्ञान के जनक माने जाने वाले चरक में 2500 वर्ष पहले आयुर्वेद का समेकन किया था।
  • भारत 17वीं शताब्‍दी के आरंभ तक ब्रिटिश राज्‍य आने से पहले सबसे सम्‍पन्‍न देश था। क्रिस्‍टोफर कोलम्‍बस भारत की सम्‍पन्‍नता से आकर्षित हो कर भारत आने का समुद्री मार्ग खोजने चला और उसने गलती से अमेरिका को खोज लिया।
  • नौवहन की कला और नौवहन का जन्‍म 6000 वर्ष पहले सिंध नदी में हुआ था। दुनिया का सबसे पहला नौवहन संस्‍कृ‍त शब्‍द नव गति से उत्‍पन्‍न हुआ है। शब्‍द नौ सेना भी संस्‍कृत शब्‍द नोउ से हुआ।
  • भास्‍कराचार्य ने खगोल शास्‍त्र के कई सौ साल पहले पृथ्‍वी द्वारा सूर्य के चारों ओर चक्‍कर लगाने में लगने वाले सही समय की गणना की थी। उनकी गणना के अनुसार सूर्य की परिक्रमा में पृथ्‍वी को 365.258756484 दिन का समय लगता है।
  • भारतीय गणितज्ञ बुधायन द्वारा 'पाई' का मूल्‍य ज्ञात किया गया था और उन्‍होंने जिस संकल्‍पना को समझाया उसे पाइथागोरस का प्रमेय करते हैं। उन्‍होंने इसकी खोज छठवीं शताब्‍दी में की, जो यूरोपीय गणितज्ञों से काफी पहले की गई थी।
  • बीज गणित, त्रिकोण मिति और कलन का उद्भव भी भारत में हुआ था। चतुष्‍पद समीकरण का उपयोग 11वीं शताब्‍दी में श्री धराचार्य द्वारा किया गया था। ग्रीक तथा रोमनों द्वारा उपयोग की गई की सबसे बड़ी संख्‍या 106 थी जबकि हिन्‍दुओं ने 10*53 जितने बड़े अंकों का उपयोग (अर्थात 10 की घात 53), के साथ विशिष्‍ट नाम 5000 बीसी के दौरान किया। आज भी उपयोग की जाने वाली सबसे बड़ी संख्‍या टेरा: 10*12 (10 की घात12) है।
  • वर्ष 1896 तक भारत विश्‍व में हीरे का एक मात्र स्रोत था।(स्रोत: जेमोलॉजिकल इंस्‍टी‍ट्यूट ऑफ अमेरिका)
  • बेलीपुल विश्‍व‍ में सबसे ऊंचा पुल है। यह हिमाचल पर्वत में द्रास और सुरु नदियों के बीच लद्दाख घाटी में स्थित है। इसका निर्माण अगस्‍त 1982 में भारतीय सेना द्वारा किया गया था।
  • सुश्रुत को शल्‍य चिकित्‍सा का जनक माना जाता है। लगभग 2600 वर्ष पहले सुश्रुत और उनके सहयोगियों ने मोतियाबिंद, कृत्रिम अंगों को लगना, शल्‍य क्रिया द्वारा प्रसव, अस्थिभंग जोड़ना, मूत्राशय की पथरी, प्‍लास्टिक सर्जरी और मस्तिष्‍क की शल्‍य क्रियाएं आदि की।
  • निश्‍चेतक का उपयोग भारतीय प्राचीन चिकित्‍सा विज्ञान में भली भांति ज्ञात था। शारीरिकी, भ्रूण विज्ञान, पाचन, चयापचय, शरीर क्रिया विज्ञान, इटियोलॉजी, आनुवांशिकी और प्रतिरक्षा विज्ञान आदि विषय भी प्राचीन भारतीय ग्रंथों में पाए जाते हैं।
  • भारत में 4 धर्मों का जन्‍म हुआ - हिन्‍दु, बौद्ध, जैन और सिक्‍ख धर्म और जिनका पालन दुनिया की आबादी का 25 प्रतिशत हिस्‍सा करता है।
  • जैन धर्म और बौद्ध धर्म की स्‍थापना भारत में क्रमश: 600 बी सी और 500 बी सी में हुई थी।
  • इस्‍लाम भारत का और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है।
  • भारत में सबसे पुराना यूरोपियन चर्च और सिनागोग कोचीन शहर में है। इनका निर्माण क्रमश: 1503 और 1568 में किया गया था।
  • ज्‍यू और ईसाई व्‍यक्ति भारत में क्रमश: 200 बी सी और 52 ए डी से निवास करते हैं।
  • विश्‍व में सबसे बड़ा धार्मिक भवन अंगकोरवाट, हिन्‍दु मंदिर है जो कम्‍बोडिया में 11वीं शताब्‍दी के दौरान बनाया गया था।
  • सिक्‍ख धर्म का उद्भव पंजाब के पवित्र शहर अमृतसर में हुआ था। यहां प्रसिद्ध स्‍वर्ण मंदिर की स्‍थापना 1577 में गई थी।
  • वाराणसी, जिसे बनारस के नाम से भी जाना जाता है, एक प्राचीन शहर है जब भगवान बुद्ध ने 500 बी सी में यहां आगमन किया और यह आज विश्‍व का सबसे पुराना और निरंतर आगे बढ़ने वाला शहर है।
  • माननीय दलाई लामा तिब्‍बती बौद्ध धर्म के निर्वासित धार्मिक नेता है, जो उत्तरी भारत के धर्मशाला में अपने निर्वासन में रह रहे हैं।
  • युद्ध कलाओं का विकास सबसे पहले भारत में किया गया और ये बौद्ध धर्म प्रचारकों द्वारा पूरे एशिया में फैलाई गई।
  • योग कला का उद्भव भारत में हुआ है और यह 5,000 वर्ष से अधिक समय से मौजूद है।

Wednesday, February 17, 2021

!!B Tv9 NEWS!! खाताधारक के खाते से 30 हजार गायब,परेशान

करमा,स्थानीय क्षेत्र के केकराही इंडियन बैक से खाता धारक लाल मनी के खाते से 30हजार रुपये गायब खाते धारक के उड़े होश।


प्राप्त जानकारी के अनुसार इंडियन बैक केकराही का लगभग चार दिन नेटवर्क फेल होने से खाता धारकों में परेशानी दिखी।आज लगभग 11बजे नेटवर्क आने पर लंबी कतार लग गई।कतार में लगने के बाद जब लाल मनी पिता बब्बन सिंह ,निवासी धौरहा विकास खण्ड राबर्ट्सगंज का नम्बर आया तो बैंक मैनेजर द्वारा कहा गया कि आप के खाते से पैसा निकाल लिया गया है।पैसा बाउचर के अनुसार नहीं है।इतना सुन खाता धारक के होश उड़ गए।उसने कहा कि मैंने पैसा नहीं निकाला।इस पर बैंक मैनेजर संजीव कुमार ने कहा कि आप के खाते संख्या 50295252426 से दो बार 20 -20 हजार बैक से निकाला गया,10 -10 हजार बीसी प्वाइंट पर से निकाला गया है।इस पर खाता धारक ने कहा कि हमने तीस हजार रुपये बीसी प्वाइंट पर से नहीं निकाला है।लालमनी ने बताया कि हमारे रिश्ते दारी में शादी है।हम कैसे शामिल होंगे।अब इतनी बड़ी रकम कहा से आएगी।पाई -पाई करके कोरोना काल में एकत्रित हुए थे।अब खेती भी बिगड़ जाएगी। बहर हाल पैसा कैसे बैक से निकल गया, जाँच के बाद ही पता चल पाएगा।इस समय शादी ब्याह, खेती बाड़ी के काल में बैक से आये दिन सर्वर खराब होने से, बैक कर्मचारियों को इंडियन बैक की पूर्ण ट्रेनिंग न मिलने से कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।नाम न छापने पर बैक कर्मचारियों ने बताया कि पहले इलाहाबाद बैंक था, जिसमें सिस्टम कुछ और थे,अब इंडियन बैक हो गया जिसमें सिस्टम नये हो गए हैं।जिसमें परेशानी हो रही है।धीरे धीरे सब ठीक हो जायेगा।

 मकसुद अहमद संवाददाता करमा, सोनभद्र !!B Tv9 NEWS!!



Saturday, February 13, 2021

!!B TV9 NEWS!! सपा की एक बूथ 20 यूथ कार्यप्रणाली का हुआ आगाज


 कालपी जालौन समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर आज पूरे प्रदेश में एक बूथ 20 यूथ कार्यप्रणाली कार्यक्रम का जोर शोर से प्रचार प्रसार चल रहा है इसी कार्यक्रम के दौरान ब्लाक प्रभारी समाजवादी पार्टी थान सिंह यादव के नेतृत्व में करीब 2 दर्जन से भी अधिक कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र के गांव गांव जाकर ''एक बूथ 20 यूथ'' कार्यक्रम में बूथ प्रभारियों के साथ जातिवार गणना करते हुए सूची का खाका तैयार किया जा रहा है! 
        
  वर्ष 2022 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी में अभी से ही समाजवादी पार्टी जुट गई है पार्टी कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची दुरस्त कराने के लिए लगा दिया गया है पार्टी का मानना है कि मतदाता सूची दुरस्त कराने से ही उसके मतदाता बूथ तक पहुंच सकेंगे क्योंकि पिछले चुनाव में उनके काफी मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज नहीं थे !
 सपा नेता थान सिंह यादव ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ  कालपी तहसील के गांव-गांव में जाकर जैसे सुनहटा, कांटा ,करमचंद पुर,दशहरी,अमीषा, में जा जाकर जातिवार गणना कर सूची तैयार की  सूची तैयार करने वाले कार्यकर्ताओं में गंधर्व धूता, महेंद्र सिंह यादव शैलेंद्र सिंह तोमर (इटोरा)विवेक यादव (सुरैहती) जगभान सिंह  सहित दर्जनों सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे !

रिपोर्ट - अमित कुमार यादव "Btv9News"

!! B Tv9news!! रात में प्रेमी-प्रेमिका ने की लव मैरेज, सुबह हुआ खौफनाक अंजाम

प्रेम के त्‍योहार वेलेंटाइन डे से ठीक एक दिन पहले उत्‍तर प्रदेश के संतकबीरनगर में प्रेमी-प्रेमिका को प्रेम विवाह की सजा के तौर पर पीट-पीटकर मार डालने और फिर शव जलाकर सबूत मिटा देने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शनिवार को जिले के महुली थाना क्षेत्र के बारीडीहा गांव के पास कुआनो नदी घाट पर प्रेमी-प्रेमिका के शवों को एक साथ जलाया जा रहा था। पुलिस के आने की सूचना पाकर परिवारीजन अधजले शव को छोड़कर फरार हो गए। पुलिस मामले को ऑनर किलिंग का मामला मान रही है। दोनों प्रेमी युगल धनघटा क्षेत्र के मूड़ाडीहा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। सूचना मिलने पर धनघटा और महुली थाने के एसओ मौके पर पहुंच गए। सूचना के बाद एसपी ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। 
इंस्पेक्टर रवीन्द्र कुमार गौतम के अनुसार धनघटा थाना क्षेत्र के मूड़ाडीहा गांव के सागर और कंचन के बीच काफी दिनों से प्रेम सम्‍बन्‍ध चल रहा था। शुक्रवार की शाम कंचन अपने प्रेमी के घर पहुंच गई। प्रेमी ने कंचन को सिंदूर लगाकर प्रतीकात्मक विवाह कर लिया। ग्रामीणों के अनुसार प्रेम विवाह की खबर मिलने पर रात में ही प्रेमी-प्रेमिका को परिवारीजनों ने पीट-पीटकर मार डाला। हालांकि कुछ ग्रामीण जहर खा लेने की वजह से मौत होने की बात भी कह रहे हैं। बताया जा रहा है कि शनिवार भोर में परिवारीजन शवों को लेकर महुली क्षेत्र के बारीडीहा गांव के पास जंगल में स्थित कुआनो नदी के घाट पर पहुंच गए। वे दोनों शवों को जलाने लगे। सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। 
इसी बीच किसी ने पुलिस को भी खबर कर दी। इस पर धनघटा थाने के साथ और महुली एसओ प्रदीप कुमार सिंह और एसआई राम प्रवेश यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। लेकिन परिवारवालों को पुलिस के आने की भनक लग गई और वे अधजला शव छोड़कर वहां से फरार हो गए। पुलिस ने चिता पर जल रहे दोनों शव को बाहर निकवाकर कस्टडी में ले लिया। लेकिन तब तक शव करीब 90 प्रतिशत तक जल चुके थे। पुलिस के अनुसार इस मामले में गांव के प्रधान प्रतिनिधि के भी शामिल होने की बात सामने आ रही है। चिता जलने के स्‍थान से थोड़ी दूरी पर पुलिस को कुछ चप्‍पलें और अंग वस्‍त्र मिले हैं। धनघटा पुलिस ने दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसपी डॉ.कौस्‍तुभ और सीओ अम्बरीष भदौरिया ने भी मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। 
सख्‍त कार्रवाई होगी
एसपी डॉ.कौस्‍तुभ ने कहा है कि इस मामले में पुलिस दोषियों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई करेगी। उन्‍होंने आरोपितों की जल्‍द गिरफ्तारी का निर्देश दिया। 
संवाददाता - अशोक सागर !!B Tv9 NEWS!!

Thursday, February 11, 2021

!! B Tv9 NEWS!! हीरो से भी ज्यादा फीस लेता था ये खलनायक


हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता प्राण का जन्मदिन 12 फरवरी को होता है। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेता प्राण को उनकी खलनायकी और रौबदार अंदाज के लिए जाना जाता है। फिल्मों के किरदारों को वो एक अलग रूप दे देते थे। उन्होंने 1940 से 1990 के दशक तक दर्शकों को अपने दमदार अभिनय का कायल बना रखा था। आज उनका जन्मदिन है। उनके जन्मदिन के इस अवसर पर आइए जानते है उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ अनकही किस्सों के बारे में।

अभिनेता प्राण का पूरा नाम प्राण कृष्ण सिकंद था। पुरानी दिल्ली के बल्लीमारान इलाके में एक मध्यवर्गीय परिवार में उनका जन्म हुआ था। प्राण के पिता लाला कृष्ण सिकंद एक आम सरकारी ठेकेदार थे। आपको बता दें कि प्राण बचपन से ही पढ़ाई में बहुत अच्छे थे I 

दर्शकों में अपने दमदार अभिनय की छाप छोड़ने वाले प्राण अभिनेता नहीं बल्कि एक फोटोग्राफर बनना चाहते थे। उन्हें फोटोग्राफी का बहुत शौक था। वो कहीं भी जाते थे तो तस्वीरें खींचने में व्यस्त हो जाते थे।

हालांकि उनके भाग्य ने उनके लिए कुछ और ही सोच रखा था इसलिए फोटोग्राफर बनने की बजाय वो अभिनेता बन गए। एक्टिंग की दुनिया से उनका कोई नाता नहीं था लेकिन दर्शकों को अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा दिया। फिल्मों की दुनिया में काम करने के बारे में उन्होंने कभी नहीं सोचा था पर फिल्मों ने ही उनकी एक अलग पहचान बना दी। प्राण को फुटबॉल खेलने का भी बहुत शौक था। वो अपना खाली समय खेलने में ही बिताते थे।

प्राण ने अधिकतर हिंदी फिल्मों में खलनायक का किरदार निभाया था लेकिन उनके अभिनय ने खलनायक के किरदार में भी हीरो के किरदार से ज्यादा रौनक डाली। प्राण को हिंदी फिल्मों में पहला ब्रेक साल 1942 में फिल्म खानदान से मिला। इस फिल्म की नायिका नूरजहां थीं। प्राण ने 18 अप्रैल 1945 को शुक्ला आहलुवालिया से शादी की थी। उनके तीन बच्चे हैं। दो बेटे अरविंद और सुनील और एक बेटी पिंकी।

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